कविता
जून 22, 2024
एक #कविता शब्दों का मात्र सुंदर संयोजन ही नहीं होती बल्कि मन को भिगोने वाली असाधारण रचना होती है...💕 #kavyakshra
काव्याक्षरा
जून 22, 2024
एक #कविता शब्दों का मात्र सुंदर संयोजन ही नहीं होती बल्कि मन को भिगोने वाली असाधारण रचना होती है...💕 #kavyakshra
काव्याक्षरा
जून 16, 2024
अधिकतर साथ तब छोड़े गए जब आत्मसम्मान की रक्षा करना आवश्यक हो गया था किसी के अहंकार में वो #शक्ति नहीं थी कि सच्चे संबंध…
काव्याक्षरा
जून 16, 2024
आप विवश हो जाते हैं इतने कि न चाहते हुए भी वही निर्णय चुनते हैं जानते हैं कि गलत कर रहे हैं जानते हैं कि परिणाम जीवनभर …
काव्याक्षरा
जून 16, 2024
किसी जज़्बे के लिए हमारा मन जब बुद्धि का साथ देता है तो #शक्ति दुगुनी हो जाती है लत केवल मन के सहारे पलती है जबकि हमारा…
काव्याक्षरा
जून 13, 2024
जब भी कविताओं में प्रेम लिखा गया हृदय उनके लिए अनायास धड़कने लगे जब भी किसी कलम से सम्मोहन रचा गया हृदय उनसे आजीवन मुक…
काव्याक्षरा
जून 08, 2024
जो भी सोचते हैं रोज़ भूल जाएँगे उनको मगर खुद को ही ये बात बताना भूल जाते हैं... कवायद करते हैं वो लोग उम्रभर ऐसे ही अक्…
काव्याक्षरा
जून 08, 2024
घंटों घूरते हैं लोग किसी मुसकराते चेहरे को तब भी यकीन नहीं कि वे मुस्करा पाएँगे.... सोचते हैं काश! कोई खुश…
काव्याक्षरा
जून 07, 2024
बात के जिस हिस्से पर आप मुस्करा देते हैं बस उतनी ही बात सुंदर है! ✍️
काव्याक्षरा
जून 07, 2024
व्यंग्य बाण चलाना एक कला है उसे सुनकर भी न समझने का अभिनय करना कला में पारंगतता है... ✍️
काव्याक्षरा
जून 07, 2024
ब्रह्मांड का वितान होता ही जा रहा है न जाने कब से और न जाने कब तक उसी तरह मानव की बुद्धि भी सीमाओं से परे हैं अलौकिक है…
काव्याक्षरा
जून 06, 2024
प्रेम वहाँ-वहाँ है जहाँ आशा की किरण दिखती है... फिर चाहे वो ईश्वर है व्यक्ति है वस्तु है स्थान है या कार्य है.....
काव्याक्षरा
जून 06, 2024
जीवन एक चुनौतीपूर्ण पहेली के समान है, तमाम उलझनें सुलझाने के बाद अक्सर इसके उसी हिस्से से गुज़रना पड़ता है जो सबसे आवश…
काव्याक्षरा
जून 05, 2024
विश्वास' एक प्रकार का 'ताड़ासन' योग है तो 'संदेह' उसी का 'शीर्षासन' .... ✍️ #kavyakshra
काव्याक्षरा
जून 05, 2024
जीवन में एक, सही व्यक्ति का होना ही पर्याप्त होता है! वो सही व्यक्ति जीवनसाथी है तो परम सौभाग्य की बात है! ✍️ #kavyaksh…
काव्याक्षरा
जून 05, 2024
सोच लो पहले ही इतना किसी को कहना है कुछ या फिर नहीं है कुछ कहना बाद में रूठ जाते हैं सब जो कहते , कह भी दो अब ! दिल हल…
काव्याक्षरा
जून 05, 2024
मन की राह को बाधित करते रहेंगे तो मन नियंत्रित रहेगा हमारे अनुसार चलेगा मनोनुकूल चला करेंगे तो लक्ष्य चूक जाएँगे उदेश्य…
काव्याक्षरा
जून 05, 2024
हर दफ़ा दर्द के लम्हे भुला देता है तेरी याद में देखा हुआ एक ख्वाब तेरा... न जाने कितने एहसास जगा देता है मेरे दिल में ठ…
काव्याक्षरा
जून 03, 2024
किसी को सुझाव उसी लहज़े में दिया जाना चाहिए कि वो चिंतन के लिए प्रेरित हो सके, न कि चिंतन से विमुख होकर अवसाद को ही बढ़…
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
स्त्री का मूल स्वभाव मातृत्व भाव का है चाहे वह किसी भी रूप में आपसे जुड़ी हो...✍️ #विचारों_की_गरिमा
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
हमें अपने दोषों के लिए कोई आवरण अपेक्षित नहीं होना चाहिए! चूँकि, ईश्वर से कुछ छिपा नहीं है तो अन्य का भय हमें नहीं होना…
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
जब आपसी वार्ता का न तो चलन था न कोई प्रबंध उस कालखंड में पत्र हृदय के भावों का संप्रेषण किया करते थे! जब भी उधर से पत…
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
आनंद की कस्तूरी से सुगंधित हैं स्वयं हम हमारी प्रसन्नता के लिए न कोई व्यक्ति उत्तरदायी है न घटना...✍️ #kavyakshra
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
हमें भाग्य से सौंदर्य उपहार में मिला किसी को मिला किसी को नहीं मिला हम सुविचारों और उनसे प्रेरित कर्मों से स्वयं को सुं…
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
कोई किसी के साथ कब तक रह पाता है यह भाग्य तय करता है या आवश्यकता? #काव्याक्षरा
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
तू जो मेरे साथ है ये जो तेरा हाथ है फिर ज़िंदगी की धूप से शिकायत नहीं कोई.... ✍️ #kavyakshra
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
विश्वास करने का भाव कभी नहीं मिट सकता चाहे व्यक्ति ने जीवन में कितने भी धोखे खाए हों क्योंकि भोजन, पानी और हवा की तरह &…
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
कर्ज़ उतर जाते हैं एहसान बने रहते हैं हर एहसास के साथ ये बढ़ते और जाते हैं...
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
शतरंज की बिसात हो या फिर हमारी ज़िंदगी एक जैसे हैं उसूल और हमारी बंदगी चाल सही हो या गलत खेल खत्म तो बाजी खत्म बादशाह …
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
किसी के दिल के हाल से अनजान बने रहना काफ़ी हद तक बेहतर होता है क्योंकि सबकुछ जान लेना अधिकतर ज़्यादा तकलीफ़- देह होता …
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
विवाहितों से कीजिए बहस करनी हो कभी कुँवारे इस अनुभव से गुज़रे नहीं हैं अभी....🙄
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
जीवन में हर व्यक्ति किसी न किसी का बस साथ चाहता है साथ तो मिले लेकिन बस निस्वार्थ चाहता है...
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
जीवन के दोराहे पर अक्सर प्राप्त अवसर हमें बेबस कर देते हैं हम बोल दें या चुप रह जाएँ दोनों ही विकल्प दिल का सुकून छीन…
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
कोई भी नदी बहकर हम तक नहीं आती नदी से मिलने उसके पास जाना पड़ता है... समय कहाँ हैं उसको कि वो हमारी ओर देखे या हम किनार…
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
चाहे दौर अलग हो या लोग चालाकी आज भी दिलों को जीतने में नाकामयाब है......
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
प्रशंसा हो रही हो तो प्रसन्न नहीं, सचेत होना है न तो घमंड करना है न ही निश्चिंत सोना है...✍️ kavyakshra
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
सूर्योदय आरंभ का सौंदर्य है तो सूर्यास्त अंत का ये तो हम सभी जानते हैं न तो मानते क्यों नहीं .... ✍️ #kavyakshra
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
हृदय में सहजता से उतरने वाले लोग सुंदर लगने लगते हैं इसमें सूरत की कोई विशेष भूमिका नहीं रह पाती....
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
गुरुजी कहते हैं गुस्सा मत करो शांत रहो क्या ऐसा कर सकते हो हाँ, कर सकते हो करके देखो....😊 #kavyakshra
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
किसी में रमा हुआ मन..😍 अकेले रहना चाहता है ख्यालों की दुनिया में जीना चाहता है किसी का हताश मन भी तो...😔 अकेले रहना च…
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
संघर्षशील लोग कभी खाली तो नहीं होंगे जबतक सपने साथ होंगे तब तक नेत्र भी तो भरे होंगे... ✍