विचारों की गरिमा...
मई 29, 2024
जीवनसाथी यूँ तो एक दूसरे के लिए संतोष से भरे होते हैं यानि जो मिल गया सो बढ़िया है कुछ जीवनसाथी महत्त्वाकांक्षी होते …
काव्याक्षरा
मई 29, 2024
जीवनसाथी यूँ तो एक दूसरे के लिए संतोष से भरे होते हैं यानि जो मिल गया सो बढ़िया है कुछ जीवनसाथी महत्त्वाकांक्षी होते …
काव्याक्षरा
मई 29, 2024
ईश्वर न हमारा भाग्य लिखते हैं न हमें कभी दंड देते हैं... वे कृपा करते हैं सच्चाई से स्मरण करने पर... जीवन में हमारे कर्…
काव्याक्षरा
मई 25, 2024
गर आपको किसी के लफ़्ज़ों में जादू दिखता हो मुमकिन है कि दिल भी बेकाबू लगता हो मगर इस समर्पण से पहले कुछ बातों पर नज़र ह…
काव्याक्षरा
मई 25, 2024
वो जानते हैं न ये ख्वाब पूरा होगा न ये ख्वाहिश कभी मिलेगी फिर भी उनकी ज़िंदगी इसी से चलेगी... 🙄
काव्याक्षरा
मई 25, 2024
आप कहते हैं आपके पसंदीदा लोग आपको तकलीफ़ बहुत देते हैं मगर आप तो उनकी ज़िंदगी में सेंध लगाकर सुकून छीन लेते हैं.... 🙄
काव्याक्षरा
मई 23, 2024
हम सभी की ज़िंदगी में हैं फूलों जैसे लोग फूल तो मुरझा जाते हैं उनकी उम्र कहाँ होती है रिश्ते टूट जाते हैं लोग छूट …
काव्याक्षरा
मई 23, 2024
उज्ज्वल बुद्धि महात्मना #बुद्ध होना था उन्हें जीवजगत की आसक्ति से मुक्त होना था उन्हें विरक्ति का चोला पहन सत्य को पान…
काव्याक्षरा
मई 21, 2024
लोग आशिकी के मसले से इतर सोच नहीं पाते तो कमाल की चीज़ें अक्सर छूट जाती हैं! जब इश्क से ही जीवन में सामंजस्य बिठ…
काव्याक्षरा
मई 21, 2024
तलाशा इश्क जब हमने उन मग़रूर आँखों में तराशे ख्वाब तब हमने अपनी मज़लूम आँखों में... ✍️ #काव्याक्षरा
काव्याक्षरा
मई 21, 2024
प्रेमिकाओं को प्रेम अपेक्षित है पत्नियों को घर-संसार इन दोनों की अपेक्षाएँ पुरुष की हर अपेक्षा से अधिक तीव्र हैं ***✍️…
काव्याक्षरा
मई 21, 2024
तरंगें कल्पनाओं की थामकर रखिए सभी जो विचार फिसल जाते हैं आते नहीं हैं फिर कभी... ✍️ #काव्याक्षरा
काव्याक्षरा
मई 21, 2024
सिमट जाएँगे कोने में मेरे हिस्से के दुख-दर्द सभी जो तू फैला के अपना आँचल मेरे आँगन में खड़ी होगी...✍️ #काव्याक्षरा
काव्याक्षरा
मई 15, 2024
खतों की स्याही लिखते-लिखते हर इबारत में घुल गई आँसुओं ने इश्क की रवायत खूब निभाई...✍️ #kavyakshra
काव्याक्षरा
मई 15, 2024
हमारी सोच और उससे प्रेरित कार्य ही हमारे जीवन की रूपरेखा बनते हैं ।" आप देखिए, किसी का जीवन निर्बाध गतिमय है किस…
काव्याक्षरा
मई 11, 2024
एक तस्वीर मात्र तस्वीर ही नहीं होती न जाने कितने लम्हों की साक्षी बनती है एक तस्वीर ज़िंदगीभर सहेजी गई तस्वीरें उन ल…
काव्याक्षरा
मई 11, 2024
यूँ तो कागज़ की क्या अहमियत है हमारे लिए जब रद्दी के ढेर में तब्दील हो जाते हैं हर रोज़ मगर कुछ कागज़ रुला देते हैं…
काव्याक्षरा
मई 11, 2024
हम पिघलते जा रहे हैं नौकरी और घर की ऊष्माओं के मध्य जीवन मोम-सा हो चुका है इन सबमें तपकर किंतु चमक फिर भी शेष है..…
काव्याक्षरा
मई 11, 2024
तू और मैं कृतियाँ उसकी क्या भेद भला तुझमें मुझमें है.. सृष्टि के कण-कण में वो वो तुझमें है वो मुझमें है... ✍️ #kavyaksh…
काव्याक्षरा
मई 11, 2024
तू और मैं कृतियाँ उसकी क्या भेद भला तुझमें मुझमें है.. सृष्टि के कण-कण में वो वो तुझमें है वो मुझमें है... ✍️ #kavyaksh…
काव्याक्षरा
मई 03, 2024
जो बिछड़े हो तुम जल्दबाजी में मुझसे इतना तो सोचते तुम रूठ भी तो सकते थे... हर रास्ते को मोड़कर हर वास्ता तक…