मुख्यपृष्ठ अवास्तविक... अवास्तविक... Author - काव्याक्षरा मई 25, 2024 0 वो जानते हैं न ये ख्वाब पूरा होगा न ये ख्वाहिश कभी मिलेगीफिर भी उनकी ज़िंदगी इसी से चलेगी... 🙄 Facebook Twitter Whatsapp और नया पुराने