सर्वेश्वर हैं योगीश्वर
प्राणों में बसते श्रीकृष्ण
हर गली हर द्वार पर
हर घर और बाज़ार पर
व्यक्त और प्रतिकूल पर
विपक्ष पर अनुकूल पर
संग और समतुल्य पर
हर घड़ी हर मूल्य पर
सत्य का प्रतिबिम्ब जो
प्रथम हैं अनंत जो
आवरण हटने को है
कृष्ण अब आने को हैं...
~काव्याक्षरा
#श्रीकृष्णजन्मोत्सव
