किश्त
मई 29, 2023
हर ख्वाब की मनचाही ज़ुबां नहीं होती जो #खामोशी में बेहतर है बयां नहीं होती... मशगूल होते हैं तो कोई ग़म नहीं हो…
काव्याक्षरा
मई 29, 2023
हर ख्वाब की मनचाही ज़ुबां नहीं होती जो #खामोशी में बेहतर है बयां नहीं होती... मशगूल होते हैं तो कोई ग़म नहीं हो…
काव्याक्षरा
मई 23, 2023
#कहिए_पतिदेव अपरिमित प्रेम हृदय में लिए एक पत्नी पति से अपना कद छोटा होने को इस तरह से अभिव्यक्त कर रही है कि साबित हो …
काव्याक्षरा
मई 23, 2023
यही चाहते थे न तुम कि घड़ी दो घड़ी मैं ठहर जाऊँ तुम्हारे एहसासों को अपनी स्मृति में कहीं सहेज पाऊँ गर रख लेते मान …
काव्याक्षरा
मई 22, 2023
यदि कोई किसी की निकटता में स्नेह की आकांक्षा से शांत है, संरक्षित है, तो इस अनुभूति पर उसका पूर्णरूपेण अधिकार है, …
काव्याक्षरा
मई 21, 2023
ऐसा इश्क जो हमें हर बार होते-होते रह जाता है...... 😌 "इश्क का ख्याल जो कि बाकमाल था नज़रों के मिलते ही कुछ मुम…
काव्याक्षरा
मई 16, 2023
मनुष्य हो तो पहचानना स्वयं को और करना मनुष्यता का पहले #चुनाव! ऐसे अनुयायी न होना कि पंथ के नियमों में स्वविवेक को…
काव्याक्षरा
मई 06, 2023
बड़े सलीके से महफ़ूज़ रखिए अपनी मुसकराहट को ये बयां करती है आपके किरदार की दौलत.... #काव्याक्षरा
काव्याक्षरा
मई 05, 2023
#बुद्धपूर्णिमा परिणाम को सोचकर या मोह में बँधकर अटल कठोर निर्णय नहीं लिए जा सकते... उस समय के घटनाक्रम के संदर्भ …
काव्याक्षरा
मई 04, 2023
संबंधों की आत्मीयता का आधार है विनम्रता अहंकार की भाषा के अर्थ कठोर होते हैं.... संबंधों में दुरूहता लाता है अनबोल…
काव्याक्षरा
मई 03, 2023
जो बातों का सिलसिला कभी बदस्तूर चलता था किसी वाकये के चलते कब जुनून काफ़ूर हो गया पहल हमने भी नहीं की न जो उसने ही बात…
काव्याक्षरा
मई 02, 2023
तेरे अल्फ़ाज़ तेरे चेहरे की रंगत से मेल नहीं खाते ...!! हर लफ़्ज़ झलक आता है मुझे बेफ़िक्र #अंदाज़ तेर…