किश्त

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हर ख्वाब की मनचाही
ज़ुबां नहीं होती
जो #खामोशी में बेहतर है 
बयां नहीं होती... 


मशगूल होते हैं तो
कोई ग़म नहीं होता
चाहे इश्क की कोई किश्त
जमा नहीं होती... ✍️
#kavyakshra

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