कविता...
फ़रवरी 29, 2024
कितनी गहरी संवेदना रखा करती है कोई कविता कथ्य वही प्रस्तुति अनेक लोग भिन्न अनुभूति एक.... ✍️
काव्याक्षरा
फ़रवरी 29, 2024
कितनी गहरी संवेदना रखा करती है कोई कविता कथ्य वही प्रस्तुति अनेक लोग भिन्न अनुभूति एक.... ✍️
काव्याक्षरा
फ़रवरी 29, 2024
काया की कोशिशें कहिए या इंद्रियों के इल्म... कुछ भी छू, देख-सुन नहीं सकते बगैर इनके हम... 🪴
काव्याक्षरा
फ़रवरी 28, 2024
जिन स्त्रियों का आचरण स्वाभिमान की चट्टान और व्यवहार मर्यादा के पाषाण-सा हुआ करता है वे अपनी संवेदनाओं को सदैव आवरण में…