लहज़ा...

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किसी को सुझाव उसी लहज़े में दिया जाना चाहिए कि वो चिंतन के लिए प्रेरित हो सके, न कि चिंतन से विमुख होकर अवसाद को ही बढ़ा ले! 
हमारा उद्देश्य दस्तक देकर किसी के हृदय को खटखटाना होना चाहिए न कि बुरी तरह झकझोरकर धक्के से तोड़ डालना.... 
   लहज़ा, अर्थ को अनर्थ करने की क्षमता रखता है। इस हिसाब से ये 'शब्द या मौन' से कहीं अधिक प्रभावशाली है! ✍️
#काव्याक्षरा 

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