मुख्यपृष्ठ शतरंज सी ज़िंदगी शतरंज सी ज़िंदगी Author - काव्याक्षरा जून 01, 2024 0 शतरंज की बिसात होया फिर हमारी ज़िंदगीएक जैसे हैं उसूलऔर हमारी बंदगीचाल सही हो या गलत खेल खत्म तो बाजी खत्मबादशाह हो या प्यादाआखिर में सब एक डिब्बे में बंद... ✍️#kavyakshra Facebook Twitter Whatsapp और नया पुराने