मुख्यपृष्ठ मोहन... मोहन... Author - काव्याक्षरा जून 13, 2024 0 जब भी कविताओं में प्रेम लिखा गयाहृदय उनके लिएअनायास धड़कने लगेजब भी किसी कलम सेसम्मोहन रचा गयाहृदय उनसे आजीवनमुक्त न हो सके....✍️#kavyakshra Facebook Twitter Whatsapp और नया पुराने