मोहन...

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जब भी कविताओं में 
प्रेम लिखा गया
हृदय उनके लिए
अनायास धड़कने लगे

जब भी किसी कलम से
सम्मोहन रचा गया
हृदय उनसे आजीवन
मुक्त न हो सके....✍️
#kavyakshra

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