शक्ति...
जून 16, 2024
किसी जज़्बे के लिए हमारा मन जब बुद्धि का साथ देता है तो #शक्ति दुगुनी हो जाती है लत केवल मन के सहारे पलती है जबकि हमारा…
काव्याक्षरा
जून 16, 2024
किसी जज़्बे के लिए हमारा मन जब बुद्धि का साथ देता है तो #शक्ति दुगुनी हो जाती है लत केवल मन के सहारे पलती है जबकि हमारा…
काव्याक्षरा
जून 13, 2024
जब भी कविताओं में प्रेम लिखा गया हृदय उनके लिए अनायास धड़कने लगे जब भी किसी कलम से सम्मोहन रचा गया हृदय उनसे आजीवन मुक…
काव्याक्षरा
जून 08, 2024
जो भी सोचते हैं रोज़ भूल जाएँगे उनको मगर खुद को ही ये बात बताना भूल जाते हैं... कवायद करते हैं वो लोग उम्रभर ऐसे ही अक्…
काव्याक्षरा
जून 08, 2024
घंटों घूरते हैं लोग किसी मुसकराते चेहरे को तब भी यकीन नहीं कि वे मुस्करा पाएँगे.... सोचते हैं काश! कोई खुश…
काव्याक्षरा
जून 07, 2024
बात के जिस हिस्से पर आप मुस्करा देते हैं बस उतनी ही बात सुंदर है! ✍️
काव्याक्षरा
जून 07, 2024
व्यंग्य बाण चलाना एक कला है उसे सुनकर भी न समझने का अभिनय करना कला में पारंगतता है... ✍️
काव्याक्षरा
जून 07, 2024
ब्रह्मांड का वितान होता ही जा रहा है न जाने कब से और न जाने कब तक उसी तरह मानव की बुद्धि भी सीमाओं से परे हैं अलौकिक है…