क्षमताएँ...
फ़रवरी 29, 2024
काया की कोशिशें कहिए या इंद्रियों के इल्म... कुछ भी छू, देख-सुन नहीं सकते बगैर इनके हम... 🪴
काव्याक्षरा
फ़रवरी 29, 2024
काया की कोशिशें कहिए या इंद्रियों के इल्म... कुछ भी छू, देख-सुन नहीं सकते बगैर इनके हम... 🪴
काव्याक्षरा
फ़रवरी 28, 2024
जिन स्त्रियों का आचरण स्वाभिमान की चट्टान और व्यवहार मर्यादा के पाषाण-सा हुआ करता है वे अपनी संवेदनाओं को सदैव आवरण में…
काव्याक्षरा
जनवरी 27, 2024
पल दो पल को साथ बैठे तुम्हारे कुछ सुना कुछ कहा और चले गए दिल लगाने का मसला ही नहीं है हम किसी और के बेहद कर…
काव्याक्षरा
जनवरी 07, 2024
फर्क पड़ता है मुझे बहुत फर्क पड़ता है अक्लमंद होने से भी फ़कत क्या होता है अल्फ़ाज में ढाले गए हर एक लफ़्ज़ से जो रंग…
काव्याक्षरा
दिसंबर 30, 2023
जाते हुए साल की आखिरी तलब जो होगी वही आने वाले साल की ज़रूरत कहलाएगी ज़रूरत हद में रखिए अपनी ये आपके अपने हाथ में है वर…
काव्याक्षरा
दिसंबर 27, 2023
लिखे जाने से पहले शब्दों को 'कल्पना' और लिखे जाने के बाद भावार्थ को 'कविता' कहते हैं... ✍️ #kavya…
काव्याक्षरा
दिसंबर 27, 2023
सुख दुख को परिभाषित करना अर्थहीन है जो स्थिति स्वीकार ले मन सुख के अधीन है... न धन की महती भूमिका न साधन प्रवीण ह…