सुख......

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सुख दुख को परिभाषित
करना अर्थहीन है

जो स्थिति स्वीकार ले मन 
सुख के अधीन है...

न धन की महती भूमिका
न साधन प्रवीण है

संतोष से पूरित स्मित में
ही शांति असीम है...
#kavyakshra ✍️

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