मुख्यपृष्ठ फर्क पड़ता है.... फर्क पड़ता है.... Author - काव्याक्षरा जनवरी 07, 2024 0 फर्क पड़ता है मुझेबहुत फर्क पड़ता हैअक्लमंद होने से भीफ़कत क्या होता है अल्फ़ाज में ढाले गए हर एक लफ़्ज़ सेजो रंगों को लपेटे हैहर इल्म को समेटे हैहर्फ़ों की कारीगरी से जब भी कोई जज़्बा निखरता हैतो फर्क पड़ता है मुझे बहुत फर्क पड़ता है... ✍️#काव्याक्षरा Facebook Twitter Whatsapp और नया पुराने