विचारों की गरिमा..
जून 05, 2024
मन की राह को बाधित करते रहेंगे तो मन नियंत्रित रहेगा हमारे अनुसार चलेगा मनोनुकूल चला करेंगे तो लक्ष्य चूक जाएँगे उदेश्य…
काव्याक्षरा
जून 05, 2024
मन की राह को बाधित करते रहेंगे तो मन नियंत्रित रहेगा हमारे अनुसार चलेगा मनोनुकूल चला करेंगे तो लक्ष्य चूक जाएँगे उदेश्य…
काव्याक्षरा
जून 05, 2024
हर दफ़ा दर्द के लम्हे भुला देता है तेरी याद में देखा हुआ एक ख्वाब तेरा... न जाने कितने एहसास जगा देता है मेरे दिल में ठ…
काव्याक्षरा
जून 03, 2024
किसी को सुझाव उसी लहज़े में दिया जाना चाहिए कि वो चिंतन के लिए प्रेरित हो सके, न कि चिंतन से विमुख होकर अवसाद को ही बढ़…
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
स्त्री का मूल स्वभाव मातृत्व भाव का है चाहे वह किसी भी रूप में आपसे जुड़ी हो...✍️ #विचारों_की_गरिमा
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
हमें अपने दोषों के लिए कोई आवरण अपेक्षित नहीं होना चाहिए! चूँकि, ईश्वर से कुछ छिपा नहीं है तो अन्य का भय हमें नहीं होना…
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
जब आपसी वार्ता का न तो चलन था न कोई प्रबंध उस कालखंड में पत्र हृदय के भावों का संप्रेषण किया करते थे! जब भी उधर से पत…
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
आनंद की कस्तूरी से सुगंधित हैं स्वयं हम हमारी प्रसन्नता के लिए न कोई व्यक्ति उत्तरदायी है न घटना...✍️ #kavyakshra