जीवन

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हम पिघलते जा रहे हैं
घर और दफ्तर
की ऊष्मा के बीच
जीवन मोम सा हो गया है
जलता है
पर चमक बरकरार है...

#काव्याक्षरा 

#ज़िंदगी_और_मैं 

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