मुख्यपृष्ठ इश्क इश्क Author - काव्याक्षरा दिसंबर 10, 2020 0 हर लिहाज़ से तुम दिल कीइशरत में बसी थीहर ज़िक्र में एक वाहिद नाम तुम्हारा था.... क्यों कह न सके हम तुम से आरज़ू-ए-दिल तुम्हें दोस्ती के आगे न इश्क गवारा था... #काव्याक्षरा Facebook Twitter Whatsapp और नया पुराने