स्त्री....
जून 02, 2024
स्त्री का मूल स्वभाव मातृत्व भाव का है चाहे वह किसी भी रूप में आपसे जुड़ी हो...✍️ #विचारों_की_गरिमा
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
स्त्री का मूल स्वभाव मातृत्व भाव का है चाहे वह किसी भी रूप में आपसे जुड़ी हो...✍️ #विचारों_की_गरिमा
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
हमें अपने दोषों के लिए कोई आवरण अपेक्षित नहीं होना चाहिए! चूँकि, ईश्वर से कुछ छिपा नहीं है तो अन्य का भय हमें नहीं होना…
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
जब आपसी वार्ता का न तो चलन था न कोई प्रबंध उस कालखंड में पत्र हृदय के भावों का संप्रेषण किया करते थे! जब भी उधर से पत…
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
आनंद की कस्तूरी से सुगंधित हैं स्वयं हम हमारी प्रसन्नता के लिए न कोई व्यक्ति उत्तरदायी है न घटना...✍️ #kavyakshra
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
हमें भाग्य से सौंदर्य उपहार में मिला किसी को मिला किसी को नहीं मिला हम सुविचारों और उनसे प्रेरित कर्मों से स्वयं को सुं…
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
कोई किसी के साथ कब तक रह पाता है यह भाग्य तय करता है या आवश्यकता? #काव्याक्षरा
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
तू जो मेरे साथ है ये जो तेरा हाथ है फिर ज़िंदगी की धूप से शिकायत नहीं कोई.... ✍️ #kavyakshra