विचारों की गरिमा....
जून 02, 2024
आनंद की कस्तूरी से सुगंधित हैं स्वयं हम हमारी प्रसन्नता के लिए न कोई व्यक्ति उत्तरदायी है न घटना...✍️ #kavyakshra
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
आनंद की कस्तूरी से सुगंधित हैं स्वयं हम हमारी प्रसन्नता के लिए न कोई व्यक्ति उत्तरदायी है न घटना...✍️ #kavyakshra
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
हमें भाग्य से सौंदर्य उपहार में मिला किसी को मिला किसी को नहीं मिला हम सुविचारों और उनसे प्रेरित कर्मों से स्वयं को सुं…
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
कोई किसी के साथ कब तक रह पाता है यह भाग्य तय करता है या आवश्यकता? #काव्याक्षरा
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
तू जो मेरे साथ है ये जो तेरा हाथ है फिर ज़िंदगी की धूप से शिकायत नहीं कोई.... ✍️ #kavyakshra
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
विश्वास करने का भाव कभी नहीं मिट सकता चाहे व्यक्ति ने जीवन में कितने भी धोखे खाए हों क्योंकि भोजन, पानी और हवा की तरह &…
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
कर्ज़ उतर जाते हैं एहसान बने रहते हैं हर एहसास के साथ ये बढ़ते और जाते हैं...
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
शतरंज की बिसात हो या फिर हमारी ज़िंदगी एक जैसे हैं उसूल और हमारी बंदगी चाल सही हो या गलत खेल खत्म तो बाजी खत्म बादशाह …