भरोसा ज़रूरी है...
जून 02, 2024
विश्वास करने का भाव कभी नहीं मिट सकता चाहे व्यक्ति ने जीवन में कितने भी धोखे खाए हों क्योंकि भोजन, पानी और हवा की तरह &…
काव्याक्षरा
जून 02, 2024
विश्वास करने का भाव कभी नहीं मिट सकता चाहे व्यक्ति ने जीवन में कितने भी धोखे खाए हों क्योंकि भोजन, पानी और हवा की तरह &…
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
कर्ज़ उतर जाते हैं एहसान बने रहते हैं हर एहसास के साथ ये बढ़ते और जाते हैं...
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
शतरंज की बिसात हो या फिर हमारी ज़िंदगी एक जैसे हैं उसूल और हमारी बंदगी चाल सही हो या गलत खेल खत्म तो बाजी खत्म बादशाह …
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
किसी के दिल के हाल से अनजान बने रहना काफ़ी हद तक बेहतर होता है क्योंकि सबकुछ जान लेना अधिकतर ज़्यादा तकलीफ़- देह होता …
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
विवाहितों से कीजिए बहस करनी हो कभी कुँवारे इस अनुभव से गुज़रे नहीं हैं अभी....🙄
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
जीवन में हर व्यक्ति किसी न किसी का बस साथ चाहता है साथ तो मिले लेकिन बस निस्वार्थ चाहता है...
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
जीवन के दोराहे पर अक्सर प्राप्त अवसर हमें बेबस कर देते हैं हम बोल दें या चुप रह जाएँ दोनों ही विकल्प दिल का सुकून छीन…