प्रशंसा घातक है....
जून 01, 2024
प्रशंसा हो रही हो तो प्रसन्न नहीं, सचेत होना है न तो घमंड करना है न ही निश्चिंत सोना है...✍️ kavyakshra
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
प्रशंसा हो रही हो तो प्रसन्न नहीं, सचेत होना है न तो घमंड करना है न ही निश्चिंत सोना है...✍️ kavyakshra
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
सूर्योदय आरंभ का सौंदर्य है तो सूर्यास्त अंत का ये तो हम सभी जानते हैं न तो मानते क्यों नहीं .... ✍️ #kavyakshra
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
हृदय में सहजता से उतरने वाले लोग सुंदर लगने लगते हैं इसमें सूरत की कोई विशेष भूमिका नहीं रह पाती....
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
गुरुजी कहते हैं गुस्सा मत करो शांत रहो क्या ऐसा कर सकते हो हाँ, कर सकते हो करके देखो....😊 #kavyakshra
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
किसी में रमा हुआ मन..😍 अकेले रहना चाहता है ख्यालों की दुनिया में जीना चाहता है किसी का हताश मन भी तो...😔 अकेले रहना च…
काव्याक्षरा
जून 01, 2024
संघर्षशील लोग कभी खाली तो नहीं होंगे जबतक सपने साथ होंगे तब तक नेत्र भी तो भरे होंगे... ✍
काव्याक्षरा
मई 29, 2024
जीवनसाथी यूँ तो एक दूसरे के लिए संतोष से भरे होते हैं यानि जो मिल गया सो बढ़िया है कुछ जीवनसाथी महत्त्वाकांक्षी होते …