#जज़्बात
अप्रैल 30, 2023
जज़्बात कीमती हैं तो कोई मोल नहीं लेता बचता कहाँ है कुछ खुदगर्ज़ियत के बाद... #kavyakshra
काव्याक्षरा
अप्रैल 30, 2023
जज़्बात कीमती हैं तो कोई मोल नहीं लेता बचता कहाँ है कुछ खुदगर्ज़ियत के बाद... #kavyakshra
काव्याक्षरा
अप्रैल 29, 2023
मिलते हैं प्रेयसी की ठंडी हथेलियों पर कविताओं में वर्णित प्रेमिल शब्दों के अनुवाद... और प्रेमी द्वारा लिख…
काव्याक्षरा
अप्रैल 29, 2023
क्रोध के आवेश में अवशेष क्या रहे कष्ट वेदना पश्चाताप ये ही शेष रहे... #काव्याक्षरा
काव्याक्षरा
अप्रैल 29, 2023
ज़िंदगी को हमने ब स ऐश में गुज़ार दी मनमौजियों की तरह हसरतों पे वार दी…!! नेकी हुई न हमसे झूठे किए गुमा…
काव्याक्षरा
दिसंबर 22, 2020
आँधियाँ बेसब्र थी सिरफ़िरी जुनूनी फिर बवंडर में उम्मीदें क्या वजूद रखती.... #kavyakshra
काव्याक्षरा
दिसंबर 21, 2020
***तरल विचार स्थिर नहीं रहते बह जाते हैं सोचने की प्रकिया के दौरान*** #काव्याक्षरा
काव्याक्षरा
दिसंबर 21, 2020
विश्वास दरकने की तीव्रता दिखती नहीं सूक्ष्म रेखा से जीवन पानी सा बह जाता है... #काव्याक्षरा