घड़ी की टिकटिक हो चाहे
धड़कते हृदय की धकधक
समय नहीं रुकेगा लेकिन
किसी दिन घड़ी की
गति रुक जाएगी
प्रतीक्षा नहीं थकेगी लेकिन
किसी दिन हृदय की
धड़कन थक जाएगी
क्या मायने हैं समय और प्रतीक्षा के
यदि घड़ी और हृदय
उनका साथ छोड़ दें
यह भी असंभव है कि
समय के प्रभाव से हृदय
अपनी प्रतीक्षा का रुख मोड़ दे...
#काव्याक्षरा 🐚
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