मुख्यपृष्ठ तसल्ली... तसल्ली... Author - काव्याक्षरा दिसंबर 12, 2023 0 जन्मों से थके इश्क को तुम्हारा साथ चाहिएजीभर के तसल्ली सेजिसमें बिछड़ने काकोई रिवाज़ न होन हो नाराज़गी के लम्हेगर मंजूर हो तुम्हें ये पेशकश हमारी तो इंतज़ार और कर लेंगेकोई शिकवा नहींहोगा तुमसेजुबां पर ताला कर लेंगे...#kavyakshra 🪷 Facebook Twitter Whatsapp और नया पुराने