तसल्ली...

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जन्मों से थके इश्क को 
तुम्हारा साथ चाहिए
जीभर के तसल्ली से

जिसमें बिछड़ने का
कोई रिवाज़ न हो
न हो नाराज़गी के लम्हे

गर मंजूर हो तुम्हें 
ये पेशकश हमारी 
तो इंतज़ार और कर लेंगे

कोई शिकवा नहीं
होगा तुमसे
जुबां पर ताला कर लेंगे...

#kavyakshra 🪷

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