बुद्ध...
मई 23, 2024
उज्ज्वल बुद्धि महात्मना #बुद्ध होना था उन्हें जीवजगत की आसक्ति से मुक्त होना था उन्हें विरक्ति का चोला पहन सत्य को पान…
काव्याक्षरा
मई 23, 2024
उज्ज्वल बुद्धि महात्मना #बुद्ध होना था उन्हें जीवजगत की आसक्ति से मुक्त होना था उन्हें विरक्ति का चोला पहन सत्य को पान…
काव्याक्षरा
मई 21, 2024
लोग आशिकी के मसले से इतर सोच नहीं पाते तो कमाल की चीज़ें अक्सर छूट जाती हैं! जब इश्क से ही जीवन में सामंजस्य बिठ…
काव्याक्षरा
मई 21, 2024
तलाशा इश्क जब हमने उन मग़रूर आँखों में तराशे ख्वाब तब हमने अपनी मज़लूम आँखों में... ✍️ #काव्याक्षरा
काव्याक्षरा
मई 21, 2024
प्रेमिकाओं को प्रेम अपेक्षित है पत्नियों को घर-संसार इन दोनों की अपेक्षाएँ पुरुष की हर अपेक्षा से अधिक तीव्र हैं ***✍️…
काव्याक्षरा
मई 21, 2024
तरंगें कल्पनाओं की थामकर रखिए सभी जो विचार फिसल जाते हैं आते नहीं हैं फिर कभी... ✍️ #काव्याक्षरा
काव्याक्षरा
मई 21, 2024
सिमट जाएँगे कोने में मेरे हिस्से के दुख-दर्द सभी जो तू फैला के अपना आँचल मेरे आँगन में खड़ी होगी...✍️ #काव्याक्षरा
काव्याक्षरा
मई 15, 2024
खतों की स्याही लिखते-लिखते हर इबारत में घुल गई आँसुओं ने इश्क की रवायत खूब निभाई...✍️ #kavyakshra