अभिव्यक्ति...

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अथाह आसमान हो 
सोच की उड़ान हो

पंख विचारों के खुलें
मन का-सा जहान हो

शब्दों के ब्रह्मांड में 
अर्थ की पहचान हो

अभिव्यक्ति उन्मुक्त बहे
जब लेखनी में जान हो... ✍️
#kavyakshra 

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