स्त्री.....

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#वैश्विक_स्त्री_दिवस_की_शुभकामनाएँ 

कोई समझे या न भी समझे
मान दे या न भी दे

आस्था का शक्तिपुंज
एकमात्र स्त्री रहेगी... 

मान्यताएँ-वर्जनाएँ
चाहे कारा रहीं व्यक्तित्व की

संस्कृति की शान तो भी 
स्त्री की अस्मिता रहेगी... 

मान है मातृत्व का
उसे भान भी है शुचिता का

त्रास युगों से सहते-सहते
मूल्यों की ही बात कहेगी... 

वासना की, कामना की 
दृष्टि से निरपेक्ष रहकर

नई सोच की परिपाटी में भी
घात चरित्र पर नहीं सहेगी...

#काव्याक्षरा 🖋️📖
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