प्रेम....

0

कब तक रहा जा सकता है
तुम्हारे प्रेमपगे शब्दों से दूर

तुम्हारे हृदय की अनुभूतियाँ
और कुछ मर्मस्पर्शी पंक्तियाँ

पर्याप्त है मुझे बाँधे रखने को
तुमसे प्रेम हेतु विवश करने को... ✍️


#kavyakshra


एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)