केवल तस्वीरों पर फिदा लोग
अक्सर प्रत्यक्ष मिलने पर
अपनी चाहत को ही
कोसने लगते हैं...
केवल शब्दों से सम्मोहित लोग
कभी अनुमान के फ्रेम में
उस असल व्यक्ति को
फिट नहीं कर पाते ....
केवल बातों पर मर-मिटे लोग
मुलाकात करने पर
सूरत और सीरत में कोई
तालमेल नहीं बिठा पाते...
सर्वविदित तथ्य है कि सच कल्पना की अपेक्षा क्रूर और आभासी दुनिया की अपेक्षा अनाकर्षक होता है....!
#काव्याक्षरा
