#धूप

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 न जाने किस दिन खिलकर आएगी 

स्नेह की ऊष्मा लिए धूप... 

मेरे हिस्से की धुंध को पिघलाकर 

ले जाएगी वो एक कतरा धूप...

#काव्याक्षरा 

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