#धूप_गुनगुनी

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गुनगुनी-सी धूप 
उतर आएगी भीतर
ऊष्मित होने लगेंगे
जड़ हुए विचार
पिघलने लगेगी
दर्प की रेखाएँ
तप्त में स्नेह है
दिसंबर की धूप की...
#काव्याक्षरा

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