नूर

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चाँद मेरे मन की गति
मापने लगा तो
चाँदनी इस बात पर
इठला रही है
रोशनी है दूधिया
'नूर' इश्क में नहीं
तो मन के अँधेरों को
.वही बहला रही है... 
#काव्याक्षरा 

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