#उलझनें

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आकृति में बदलाव
परिलक्षित नहीं होते
मगर यथावत रहती हैं 
जीवन में उलझनें... 

समाधानों के भुलावे से
प्रत्युत्तर में क्षण-क्षण 
पुनर्जीवित होकर हमें
छलती हैं उलझनें...
#काव्याक्षरा 

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