मुख्यपृष्ठ #इश्क #इश्क Author - काव्याक्षरा दिसंबर 15, 2020 0 वो था एक अजनबी! मगर अपना-सा था उससे इश्क की ख्वाहिश तब सपना-सा थाअब है शामिल ज़िंदगी मेंतो ख्वाहिश नहीं है कोई हकीकत हो जाए जो इश्कफिर आज़माइश नहीं है कोई...#काव्याक्षरा Facebook Twitter Whatsapp और नया पुराने